हल्द्वानी। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान हुए ऐतिहासिक मसूरी कांड के शहीद आंदोलनकारियों की स्मृति में उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारियों एवं उपस्थित लोगों ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और उनके अमर बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के अध्यक्ष हुकम सिंह कुंवर ने कहा कि उत्तराखंड राज्य किसी उपहार के रूप में नहीं मिला, बल्कि इसके लिए आंदोलनकारियों ने लंबा संघर्ष, त्याग और अपना सर्वस्व न्योछावर किया। मसूरी कांड के शहीदों का बलिदान राज्य आंदोलन के इतिहास का वह अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले आंदोलनकारियों का सपना केवल एक अलग राज्य की स्थापना तक सीमित नहीं था। उनका उद्देश्य एक ऐसा उत्तराखंड बनाना था, जहां पहाड़ के लोगों को सम्मान, रोजगार, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और अपने संसाधनों पर अधिकार मिल सके। उन्होंने कहा कि शहीदों और आंदोलनकारियों के संघर्ष की वास्तविक भावना को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
हुकम सिंह कुंवर ने कहा कि राज्य आंदोलन के इतिहास और उसके शहीदों के योगदान को पाठ्यक्रमों और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है, ताकि युवा यह समझ सकें कि उत्तराखंड की स्थापना के पीछे कितने संघर्ष और बलिदान की गाथा छिपी है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा नैनीताल जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, राज्य स्तरीय खेल परिषद उत्तराखंड के उपाध्यक्ष मोहन पाठक, प्रमुख राज्य आंदोलनकारी जगमोहन चिलवाल, डॉ. बालम सिंह बिष्ट, दान सिंह बिष्ट, नरेश भट्ट, अधिवक्ता नरेश कांडपाल, राजेंद्र सिंह बिष्ट, डॉ. हरीश पाल, डी.एन. जोशी, पूर्ण चंद्र दानी, उमेश बेलवाल, जगदीश सिंह बिष्ट, देवी दत्त धौंडियाल, वीरेंद्र सिंह परिहार, दीपक रौतेला, रजत पंत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने मसूरी कांड सहित उत्तराखंड राज्य आंदोलन के सभी शहीदों को नमन करते हुए उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान को सदैव जीवित रखने का संकल्प लिया। साथ ही शहीदों के सपनों के अनुरूप एक सशक्त, स्वाभिमानी और जनहितकारी उत्तराखंड के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।




