नैनीताल, 2 सितंबर 2026। कुमाऊं मंडल में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग द्वारा भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कुमाऊं मंडल के आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों—नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत एवं ऊधमसिंह नगर—को एहतियातन पूरी सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग, सिंचाई, विद्युत, पेयजल निगम, ब्रिडकुल, ग्रामीण निर्माण विभाग सहित सभी कार्यदायी एवं संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में जेसीबी मशीनें और मैनपावर पहले से तैनात रखे जाएं, ताकि सड़क अवरुद्ध होने, भूस्खलन अथवा अन्य किसी आपदा की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
उन्होंने विशेष रूप से नदियों, नालों एवं गधेरों के किनारे तथा भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर स्थिति बिगड़ने की आशंका होने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से संबंधित किसी भी सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर राहत एवं बचाव दल भेजे जाएं। संवेदनशील मार्गों, पुलों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा भूस्खलन संभावित स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए और स्थानीय स्तर पर आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए।
अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील
कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने आम जनता से भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। उन्होंने लोगों से नदी-नालों एवं उफनते गधेरों को पार करने का जोखिम न उठाने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लगातार बारिश के दौरान संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और जीरो रिस्पांस टाइम के साथ राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।





