अल्मोड़ा -वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पंडित डॉक्टर मदन मोहन पाठक ने बताया कि ✨ शुक्रवार, रोहिणी नक्षत्र, वृषभ राशि और मित्र योग का बना विशेष संयोग; मध्यरात्रि में होगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
अल्मोड़ा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पावन पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस वर्ष शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष जन्माष्टमी को लेकर किसी प्रकार का मतभेद या भ्रम नहीं है। स्मार्त एवं वैष्णव—दोनों परंपराओं के श्रद्धालु एक ही दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत एवं पूजन करेंगे।
अल्मोड़ा के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पंडित डॉ. मदन मोहन पाठक ने बताया कि इस वर्ष जन्माष्टमी का पर्व कई दृष्टियों से विशेष है। शुक्रवार का दिन, अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, वृषभ राशि में चंद्रमा तथा मित्र योग का संयोग भगवान श्रीकृष्ण के जन्मकाल की पौराणिक स्मृति को जीवंत करता है।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में हुआ माना जाता है। इसी कारण जन्माष्टमी की रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का विशेष पूजन किया जाता है। इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए रात्रि 12 बजे के आसपास जन्मोत्सव एवं पूजन का विशेष अवसर रहेगा।
🌸 नहीं है भद्रा का व्यवधान
डॉ. पाठक के अनुसार इस वर्ष जन्माष्टमी के दिन भद्रा आदि का कोई विशेष व्यवधान नहीं है, जिससे श्रद्धालु श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ व्रत, पूजन और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में सहभागी बन सकते हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि जन्माष्टमी की तिथि को लेकर किसी प्रकार के भ्रम या अफवाह में न पड़ें। 4 सितंबर 2026 को ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत एवं पर्व मनाया जाएगा।
🪷 भगवान श्रीकृष्ण—सोलह कलाओं से पूर्ण अवतार
भगवान श्रीकृष्ण भारतीय सनातन परंपरा में केवल एक आराध्य देव ही नहीं, बल्कि धर्म, कर्म, प्रेम, नीति, ज्ञान और लोककल्याण के अद्भुत समन्वय के प्रतीक हैं। भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण ने अपने जीवन की प्रत्येक लीला के माध्यम से मानव समाज को कोई न कोई गहन संदेश दिया।
बाल्यकाल की उनकी मनोहारी लीलाएं हों, गोपियों के साथ प्रेम और भक्ति का दिव्य स्वरूप हो, कंस का वध हो, गोवर्धन पर्वत धारण कर प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति संदेश देना हो अथवा महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का अमर ज्ञान प्रदान करना—श्रीकृष्ण का सम्पूर्ण जीवन मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने कर्म की महत्ता बताते हुए मनुष्य को अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। उनका जीवन यह सिखाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, धर्म और सत्य के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए।
🕉️ जन्माष्टमी केवल उत्सव नहीं, आत्मचिंतन का पर्व
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को केवल भगवान के जन्मदिन के रूप में मनाना ही पर्याप्त नहीं है। यह पर्व हमें अपने भीतर के अंधकार को समाप्त कर धर्म, सत्य, प्रेम और सदाचार का प्रकाश प्रज्वलित करने की प्रेरणा देता है।
जिस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार के अंधकार में हुआ और उनके आगमन से आशा एवं धर्म की नई किरण दिखाई दी, उसी प्रकार मनुष्य को भी अपने जीवन के अज्ञान, अहंकार, लोभ और मोह के अंधकार को दूर कर ज्ञान एवं सद्बुद्धि का प्रकाश फैलाना चाहिए।
श्रीकृष्ण का संदेश स्पष्ट है—
कर्म करते रहिए, परिणाम की चिंता मत कीजिए और धर्म के मार्ग पर सदैव अडिग रहिए।
🌿 कैसे मनाएं जन्माष्टमी?
श्रद्धालु इस दिन प्रातः स्नान कर भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प ले सकते हैं। दिनभर भगवान का नाम-स्मरण, भजन-कीर्तन, श्रीमद्भगवद्गीता एवं श्रीकृष्ण चरित्र का पाठ करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
रात्रि में भगवान के जन्म के समय घर अथवा मंदिर में बाल गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर उन्हें नए वस्त्र पहनाएं, माखन-मिश्री, फल एवं अन्य सात्त्विक नैवेद्य अर्पित करें तथा “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
मध्यरात्रि में शंख-घंटे बजाकर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाएं और परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना करें।
🌺 ज्योतिषाचार्य डॉ. मदन मोहन पाठक की शुभकामनाएं
अल्मोड़ा के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पंडित डॉ. मदन मोहन पाठक ने समस्त देशवासियों एवं श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से प्रत्येक परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव का वास हो।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम में पवित्रता, कर्म में निष्ठा, व्यवहार में मधुरता और धर्म के प्रति अडिग रहने की प्रेरणा देता है। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर हमें भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए।
जय श्रीकृष्ण!
राधे-राधे!
🌹 आप सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक मंगलकामनाएं।
भगवान श्रीकृष्ण की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे।




