अल्मोड़ा | 18 जुलाई, 2026
मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के उद्देश्य से कुमाऊँ मंडल आयुक्त दीपक रावत ने शनिवार को अल्मोड़ा स्थित जिला आपदा परिचालन केंद्र (डी.डी.ओ.सी.) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की कार्यप्रणाली, आपदा संबंधी सूचनाओं के संकलन, अभिलेखीकरण, रिकॉर्ड संधारण तथा त्वरित कार्रवाई की व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने विभिन्न रजिस्टरों एवं अभिलेखों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून अवधि में जिला आपदा परिचालन केंद्र 24 घंटे पूरी तरह सक्रिय एवं अलर्ट मोड में कार्य करे तथा प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति में समय पर सूचना प्राप्त करना, उसका सटीक अभिलेखीकरण और संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय जन-धन की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आयुक्त ने रिकॉर्ड संधारण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी सूचनाओं का व्यवस्थित एवं अद्यतन अभिलेखीकरण किया जाए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निर्णय लेने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिला आपदा परिचालन केंद्र में निर्माणाधीन नए बैठक कक्ष का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि आपदा प्रबंधन से जुड़ी बैठकों, समीक्षा एवं समन्वय कार्यों का संचालन अधिक प्रभावी और सुचारु रूप से किया जा सके।
आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों से कहा कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अंशुल सिंह, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




