अल्मोड़ा, 21 जुलाई। उत्तराखंड के प्रख्यात रंगकर्मी, सुप्रसिद्ध होली गायक, कुशल तबला वादक एवं लोकसंस्कृति के संवाहक धीरेंद्र भारती ‘धीरू दा’ के असामयिक निधन पर श्री नंदा देवी रामलीला कमेटी, अल्मोड़ा ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
कमेटी के सचिव अर्जुन सिंह बिष्ट ‘चीमा’ द्वारा जारी शोक संदेश में कहा गया कि धीरू दा ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, पारंपरिक होली गायन, तबला वादन और रंगमंच के संरक्षण एवं संवर्धन को समर्पित किया। वे केवल एक कुशल कलाकार ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को लोककला से जोड़ने वाले प्रेरणास्रोत भी थे।
उन्होंने कहा कि धीरू दा लंबे समय तक श्री नंदा देवी रामलीला के मंचन से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे। अभिनय, संगीत और मंच संचालन के क्षेत्र में उनकी विशिष्ट प्रतिभा ने उन्हें जनमानस के बीच अलग पहचान दिलाई। उनका सहज, सरल और आत्मीय व्यक्तित्व सभी के लिए प्रेरणादायी था। उनके निधन से अल्मोड़ा सहित पूरे उत्तराखंड का सांस्कृतिक जगत एक समर्पित कलाकार से वंचित हो गया है, जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं होगी।
श्री नंदा देवी रामलीला कमेटी ने दिवंगत पुण्यात्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह मेर, सचिव अर्जुन सिंह बिष्ट ‘चीमा’, प्रकाश पांडे, अतुल वर्मा, महेंद्र बिष्ट, संदीप साह, राजकुमार बिष्ट, जगदीश बिष्ट, कविश अरोड़ा, परितोष जोशी, गणेश मेर, जगदीश भंडारी, मोहन जोशी, नवीन बिष्ट, अमरनाथ सिंह नेगी, संजय साह, राजेंद्र रौतेला, धनंजय साह, शशि मोहन पांडे, गोलू भट्ट, लोकेश तिवारी, हरिबिनोद साह, हर्ष जोशी, सुमित साह, परीक्षित साह, राजेश पालनी, मनोज वर्मा, सुभाष अग्रवाल, रवि गोयल, दीपक वर्मा, अनिल सनवाल, चन्द्रमोहन परगांई, नमन बिष्ट, शेखर सिजवाली, सिद्धार्थ साह, प्रकाश जोशी, दयाकृष्ण परगांई, मानवेंद्र साह, आदित्य बिष्ट सहित समिति के अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।यह संस्करण अख़बार एवं न्यूज़ पोर्टल प्रकाशन की शैली में अधिक प्रभावशाली, संतुलित और पेशेवर है।





