चम्पावत, 12 जून। पर्यटन सीजन के मद्देनजर आम जनता एवं पर्यटकों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग चम्पावत ने मिलावटखोरी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशों के अनुपालन में चलाए गए इस अभियान के तहत विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चम्पावत क्षेत्र के अमोड़ी, स्वाला सहित विभिन्न स्थानों पर स्थित जनरल स्टोर, रेस्टोरेंट एवं भोजनालयों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, भंडारण प्रणाली तथा एक्सपायरी डेट की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के रखरखाव में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
अभियान के दौरान टीम को कुछ खाद्य पदार्थ संदिग्ध प्रतीत हुए, जिनमें सरसों का तेल, मसाले, कुकीज एवं नूडल्स शामिल हैं। इन खाद्य पदार्थों के कुल चार नमूने संग्रहित कर गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर भेज दिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए तो संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों एवं दुकानदारों को स्वच्छता मानकों का पालन करने, खाद्य सामग्री का उचित भंडारण सुनिश्चित करने तथा केवल गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पादों के विक्रय के निर्देश भी दिए।
अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगिता तिवारी एवं सहायक दिनेश फर्त्याल शामिल रहे। विभाग ने कहा कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसे निरीक्षण अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।
चार खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लैब भेजे, दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
चम्पावत, 12 जून। पर्यटन सीजन के मद्देनजर आम जनता एवं पर्यटकों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग चम्पावत ने मिलावटखोरी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशों के अनुपालन में चलाए गए इस अभियान के तहत विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चम्पावत क्षेत्र के अमोड़ी, स्वाला सहित विभिन्न स्थानों पर स्थित जनरल स्टोर, रेस्टोरेंट एवं भोजनालयों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था, भंडारण प्रणाली तथा एक्सपायरी डेट की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के रखरखाव में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
अभियान के दौरान टीम को कुछ खाद्य पदार्थ संदिग्ध प्रतीत हुए, जिनमें सरसों का तेल, मसाले, कुकीज एवं नूडल्स शामिल हैं। इन खाद्य पदार्थों के कुल चार नमूने संग्रहित कर गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर भेज दिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए तो संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों एवं दुकानदारों को स्वच्छता मानकों का पालन करने, खाद्य सामग्री का उचित भंडारण सुनिश्चित करने तथा केवल गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पादों के विक्रय के निर्देश भी दिए।
अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगिता तिवारी एवं सहायक दिनेश फर्त्याल शामिल रहे। विभाग ने कहा कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसे निरीक्षण अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।





