हल्द्वानी, 04 जुलाई 2026 (सूवि)।
कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने आमजन की समस्याओं को सुनते हुए कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया। कार्यक्रम में पेंशन, अनुसूचित जाति के भवन पर कब्जा, अवैध निर्माण, आधार कार्ड संशोधन, अवैध पेड़ कटान और भूमि विवाद से जुड़ी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बिना अनुमति संपत्ति का प्रचार डिजिटल धोखाधड़ी के दायरे में
जनता मिलन कार्यक्रम में एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी भूमि को बेचने की कोई मंशा नहीं है, इसके बावजूद सोशल मीडिया के एक पेज पर बिना उनकी अनुमति और किसी लिखित प्राधिकरण के उनकी संपत्ति का वीडियो बनाकर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने दोनों पक्षों को तलब किया और स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की अनुमति या वैध साक्ष्य के बिना उसकी संपत्ति का विवरण, फोटो अथवा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रचारित करना डिजिटल माध्यम से धोखाधड़ी की श्रेणी में आ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई संभव है तथा बिना मालिक की सहमति किसी संपत्ति को बेचने या बेचने का प्रयास करना भी गंभीर आपराधिक कृत्य है। उन्होंने लोगों को चेताया कि बिना अनुमति किसी भी संपत्ति का सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार न करें।
लैंड फ्रॉड मामले में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
जनता मिलन कार्यक्रम में कर्नल जीवेन्द्र सिंह ने शिकायत की कि जयदेवपुर, आरटीओ रोड, हल्द्वानी स्थित उनकी खरीदी हुई भूमि पर किसी अन्य व्यक्ति को कब्जा दे दिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त ने तहसील हल्द्वानी के लेखपाल को जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रथम दृष्टया उपलब्ध तथ्यों के आधार पर भूमि विक्रेता पी.सी. पंत, विभा पंत तथा प्रॉपर्टी डीलर मदन टम्टा के विरुद्ध कथित भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) के मामले में नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विवादित भूमि से काटे गए पेड़ों की 1.80 लाख रुपये की राशि सरकारी खाते में जमा होगी
ग्राम गुलजारपुर रामसिंह, कालाढूंगी निवासी सरस्वती देवी ने शिकायत की कि स्वामित्व विवाद के दौरान विपक्षी पक्ष ने तीन पेड़ काटकर लगभग 1.80 लाख रुपये में बेच दिए।
आयुक्त ने दोनों पक्षों और राजस्व अधिकारियों को तलब कर कहा कि जब किसी भूमि का स्वामित्व विवाद न्यायालय या राजस्व न्यायालय में विचाराधीन हो, तब यथास्थिति बनाए रखना अनिवार्य होता है। ऐसे में भूमि का स्वरूप बदलना या पेड़ों जैसी संपत्ति का विक्रय करना गैर-कानूनी माना जाएगा।
उन्होंने उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए कि पेड़ों की बिक्री से प्राप्त 1.80 लाख रुपये, जिसका स्वामित्व अभी तय नहीं हुआ है, सुरक्षित रूप से सरकारी खाते में जमा कराए जाएं।
अन्य शिकायतों का भी हुआ समाधान
जनता मिलन कार्यक्रम में विजय सिंह ने पेंशन पुनः शुरू कराने, कुसुमा देवी ने अनुसूचित जाति की वृद्ध महिला के भवन पर कथित कब्जे, गोविन्द सिंह ने परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने तथा कंचन सिंह ने आधार कार्ड में जन्मतिथि संशोधित कराने का अनुरोध किया। आयुक्त ने सभी फरियादियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।





