जौनसार के लोककलाकार एवं साहित्यकार डॉ नंद लाल भारती ने बताया कि उन्होंने जौनसार के लोकगीतों में सुना है कि महासू देवता चार भाई थे जो कश्मीर के कुल्लू से आए थे. कश्मीर के एक सरोवर के नजदीक रहते थे. उन्होंने बताया जाता है कि टौंस नदी के आसपास का जौनसारी जनजातीय क्षेत्र एक किरमिक नाम राक्षस के आतंक से परेशान था.






