देहरादून/नैनीताल, 09 जुलाई। कुमाऊँ के पर्यटन और आधारभूत विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही रानीबाग–भीमताल रोप-वे परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने की मांग तेज हो गई है। आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष (दर्जा राज्यमंत्री) भावना मेहरा ने गुरुवार को देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट कर परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन का अनुरोध किया। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को एक विस्तृत पत्र भी सौंपा।
भावना मेहरा ने कहा कि रानीबाग–भीमताल रोप-वे परियोजना कुमाऊँ क्षेत्र में पर्यटन, यातायात और आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। उन्होंने बताया कि परियोजना की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) रिपोर्ट तैयार करने के लिए उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को अधिकृत किया जा चुका है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार रानीबाग से भीमताल तक 7.32 किलोमीटर लंबे रोप-वे का निर्माण किया जाना है। इसके लिए रानीबाग में 5 हेक्टेयर तथा भीमताल में 5.536 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की जा चुकी है। भविष्य में इस रोप-वे का विस्तार कैंची धाम और नैनीताल तक किए जाने का भी प्रस्ताव है, जिससे इसकी कुल लंबाई लगभग 20.64 किलोमीटर हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने से भीमताल आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही सड़कों पर बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा यात्रा समय भी घटेगा। इसका लाभ स्थानीय लोगों को भी बेहतर आवागमन के रूप में मिलेगा।
भावना मेहरा ने कहा कि रोप-वे परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। होटल, होमस्टे, परिवहन, हस्तशिल्प तथा अन्य स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित और पर्यटन विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना कुमाऊँ के पर्यटन मानचित्र को नई पहचान देने के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





