हल्द्वानी, 10 जुलाई 2026।
प्रदेश सरकार की “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” पहल के अंतर्गत आयोजित “सेवा, सुशासन एवं समर्पण पखवाड़ा” के तहत शुक्रवार को विकासखंड हल्द्वानी के ब्लॉक सभागार में बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से आम जनता की समस्याएं सुनी गईं तथा सरकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर उपलब्ध कराया गया।
शिविर में 105 जनशिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 86 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अलावा 390 लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद अजय भट्ट ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए मेहनत, लगन और कर्मठता सबसे बड़ी पूंजी है।
जनपद प्रभारी सचिव एवं उत्तराखंड शासन में सचिव, बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण, चन्द्रेश कुमार यादव ने कहा कि सरकार का प्रमुख लक्ष्य पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नैनीताल जैसे पर्यटन जनपद में मशरूम की भारी मांग है, लेकिन वर्तमान में लगभग 80 प्रतिशत मशरूम बाहरी राज्यों से मंगाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन एवं समर्पण पखवाड़ा का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। शिविर में जल जीवन मिशन, पेयजल, सड़क, अतिक्रमण, रकसिया नाला, भू-कटाव और विद्युत जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। उन्होंने संबंधित विभागों और मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण कर शिकायतकर्ताओं को इसकी सूचना भी उपलब्ध कराई जाए।
मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने शिविर में उपस्थित लोगों से सीधे संवाद कर कई समस्याओं का तत्काल समाधान कराया। हरिपुर नायक के ग्राम प्रधान द्वारा रकसिया नाले की खुदाई से उत्पन्न जलभराव की समस्या उठाए जाने पर उन्होंने यूयूएसडीए और सिंचाई विभाग को संयुक्त निरीक्षण कर सात दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शिविर में सड़क अतिक्रमण, सड़क मरम्मत, विद्युत ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि, पेयजल सहित विभिन्न जनसमस्याओं पर विभागीय अधिकारियों ने मौके पर कार्रवाई की। वहीं, ब्लॉक सभागार के विस्तारीकरण की मांग पर प्रभारी सचिव ने प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।
शिविर के दौरान राजस्व, स्वास्थ्य, आयुर्वेद, कृषि, डेयरी, पशुपालन, उद्योग, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़ ने की। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उसकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर एनआरएलएम विभाग द्वारा प्रकाशित योजनाओं की जानकारी पर आधारित पुस्तक का विमोचन सांसद अजय भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, सचिव चन्द्रेश कुमार यादव, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़, दर्जा राज्यमंत्री योगेश रजवार, मोहनी पोखरिया तथा मोहन पाठक सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम में दर्जा राज्यमंत्री योगेश रजवार, मोहनी पोखरिया, मोहन पाठक, दिशा समिति सदस्य शांति भट्ट, कनिष्ठ प्रमुख कमल भंडारी, नगर आयुक्त पारितोष वर्मा, सचिव विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेयी, उपजिलाधिकारी मोनिका, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, खंड विकास अधिकारी असगर तनवीर, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।





