अल्मोड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चन्द्रशेखर आर. घोड़के के निर्देशन में अल्मोड़ा पुलिस जनसुरक्षा के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं का भी निरंतर परिचय दे रही है। इसी क्रम में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील कार्यशैली के चलते एक भटकी हुई महिला को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया गया।
पुलिस के अनुसार, 09 जुलाई 2026 को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली कि साईं मंदिर, अल्मोड़ा के समीप एक महिला असहाय अवस्था में भटक रही है। सूचना मिलते ही महिला कोतवाली प्रभारी श्रीमती जानकी भंडारी के नेतृत्व में महिला कांस्टेबल तुलसी गोस्वामी, महिला कांस्टेबल द्रौपदी सुयाल एवं महिला होमगार्ड पूजा बिष्ट तत्काल मौके पर पहुंचीं।
पुलिस टीम ने महिला से बातचीत कर उसकी पहचान जानने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिकोण से उसे तत्काल वन स्टॉप सेंटर, अल्मोड़ा में सुरक्षित ठहराया गया।
इसके बाद महिला पुलिस टीम ने लगातार प्रयास करते हुए उसकी पहचान और परिजनों की तलाश शुरू की। अथक प्रयासों के बाद 10 जुलाई 2026 को महिला की पहचान गीता देवी, पत्नी राजेंद्र कुमार, निवासी बाड़ेछीना के रूप में हुई। पुलिस ने तुरंत परिजनों से संपर्क कर महिला की सास आनंदी देवी को वन स्टॉप सेंटर बुलाया।
सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने गीता देवी को उनकी सास के सुपुर्द कर दिया। इतना ही नहीं, महिला पुलिस कर्मियों ने दोनों को सुरक्षित टैक्सी में बैठाकर उनके घर के लिए रवाना भी किया।
अपनी बहू के सकुशल मिलने पर परिजनों ने अल्मोड़ा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और मानवीय कार्यशैली की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि अल्मोड़ा पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों की सहायता और सुरक्षा के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है।




