नैनीताल, 11 जुलाई 2026।
जनपद नैनीताल में शस्त्रों के दुरुपयोग और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। वहीं अभिलेखों और तथ्यों के परीक्षण के बाद चार अन्य मामलों में शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई समाप्त कर दी गई है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और शस्त्रों के दुरुपयोग पर प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति आगे भी जारी रहेगी।
जिला अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार काठगोदाम निवासी त्रिभुवन चंद द्वारा अपनी लाइसेंसी पिस्टल से सार्वजनिक स्थान पर वाहन में बैठकर फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया था। शस्त्र के दुरुपयोग को गंभीर मानते हुए आयुध अधिनियम के तहत उनका शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
दूसरे मामले में रामनगर कोतवाली में दर्ज एफआईआर के अनुसार उमेश बेलवाल ने अपने भाई ललित बेलवाल की लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक का इस्तेमाल कर वादी पर हमला किया। पुलिस ने हथियार बरामद कर लिया। जिला प्रशासन ने माना कि लाइसेंसी हथियार की सुरक्षा और नियंत्रण की जिम्मेदारी शस्त्रधारक की होती है। इसलिए ललित बेलवाल को उच्च सैन्य सम्मान प्राप्त होने के बावजूद उनके नाम जारी शस्त्र लाइसेंस को भी निरस्त कर दिया गया।
इसके अलावा आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए जाने के आधार पर इश्तियाक अली (बनभूलपुरा) तथा मोहम्मद सलीम (इंदिरा नगर, बनभूलपुरा) के शस्त्र लाइसेंस भी रद्द कर दिए गए।
वहीं जांच और उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद सतीश नैनवाल, निसार सिद्दीकी, शाहनवाज मलिक और अदनान नवाब के विरुद्ध चल रही शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई समाप्त कर दी गई।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि शस्त्र लाइसेंस एक विशेष वैधानिक अधिकार है, जिसका उपयोग पूरी जिम्मेदारी और कानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए। सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।




