अल्मोड़ा, 09 जुलाई। लोकपर्व हरेला को इस वर्ष जनपद अल्मोड़ा में राज्य स्तरीय स्वरूप में भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रस्तावित आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 16 जुलाई को आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम से राज्य स्तरीय हरेला अभियान का शुभारंभ करेंगे।
गुरुवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध एवं समन्वित ढंग से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरेला केवल पौधारोपण का पर्व नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जलवायु संतुलन और प्रकृति के प्रति जन-जागरूकता का सशक्त जनआंदोलन है। ऐसे में सभी विभाग इसे जनभागीदारी के उत्सव के रूप में मनाने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य करें।
जिलाधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य के तहत इस वर्ष जनपद अल्मोड़ा में 75 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके लिए वन, शिक्षा, उद्यान, कृषि, रेशम सहित विभिन्न विभागों को लक्ष्य आवंटित कर दिए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित स्थलों पर गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं।
उन्होंने कहा कि पौधारोपण के लिए स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप प्रजातियों का चयन किया जाए, ताकि पौधों की बेहतर वृद्धि सुनिश्चित हो सके। साथ ही पौधारोपण के बाद उनके संरक्षण और जीवित रखने की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग पूरी गंभीरता से निभाएं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पौधारोपण स्थल का विवरण निर्धारित मोबाइल ऐप पर अपलोड किया जाएगा तथा पूरे अभियान की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। सभी विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि हरेला पर्व को जन-जन का अभियान बनाया जाए। विद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों, युवा संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण से जोड़ा जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप धौलाखंडी, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





