अल्मोड़ा, 16 जुलाई। अल्मोड़ा के व्यस्ततम बाजार चौघानपाटा में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक भोजनालय में एलपीजी गैस रिसाव के बाद अचानक भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरे रेस्टोरेंट को अपनी चपेट में ले लिया और भीतर रखे गैस सिलेंडरों के कारण किसी भी क्षण बड़े विस्फोट का खतरा मंडराने लगा। आसपास के दुकानदार और राहगीर जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
दोपहर 1:06 बजे फायर स्टेशन अल्मोड़ा को सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मिनी फायर इंजन और आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। उस समय आग विकराल रूप ले चुकी थी और रेस्टोरेंट का अधिकांश सामान जलकर राख हो रहा था।
सबसे चुनौतीपूर्ण स्थिति तब पैदा हुई जब आग की लपटों के बीच एलपीजी सिलेंडर भी जल रहे थे। यदि समय रहते इन्हें नहीं निकाला जाता तो भीषण विस्फोट से आसपास की कई दुकानें और इमारतें चपेट में आ सकती थीं। लेकिन फायर सर्विस के जवानों ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए जलते सिलेंडरों को होजरील से लगातार ठंडा किया और सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इसके बाद टीम ने लकड़ी की छत में फैल चुकी आग पर भी तेजी से काबू पा लिया। अग्निशमन कर्मियों की त्वरित और पेशेवर कार्रवाई के चलते आग को आसपास की दुकानों और भवनों तक फैलने से रोक दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
इस घटना में भोजनालय का अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो गया, हालांकि समय रहते आग पर नियंत्रण होने से कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई और बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि यदि कुछ मिनट और देरी हो जाती तो चौघानपाटा बाजार में बड़ा हादसा हो सकता था।
अग्निशमन दल में एफएस डीवीआर विपिन बडोला, फायरमैन प्रेम सिंह, श्याम लाल तथा महिला फायरमैन आकांक्षा डसीला शामिल रहे, जिनकी तत्परता और साहस ने संभावित बड़ी त्रासदी को टाल दिया।





