Kedarnath Yatra 2026 : केदारनाथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की लीद के निस्तारण को लेकर पतंजलि और पशुपालन विभाग आमने-सामने हैं. इस बीच, पर्यटन विभाग ने एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया. जिस काम को पतंजलि बिना सरकारी खर्च के कर रही थी, उसी लीद के निस्तारण और उपयोग के लिए पर्यटन विभाग अब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने जा रहा है. ऐसे में इस पायलट प्रोजेक्ट पर सवाल उठ रहे हैं. एनजीटी पहले ही कह चुका है कि घोड़े खच्चर के गोबर (लीद) से मंदाकिनी नदी प्रदूषित हो रही है. जलीय जीवों को खतरा है.





