घोड़ाखाल, 17 जून 2025। 79 यूके बटालियन एनसीसी, नैनीताल द्वारा घोड़ाखाल में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (CATC) के अंतर्गत मंगलवार को प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक, पूर्व सैनिक, खेल प्रशासक एवं प्रशिक्षक सूबेदार मेजर सुरेश चन्द्र पाण्डे (सेवानिवृत्त) ने कैडेटों को प्रेरणादायी अतिथि व्याख्यान दिया। उनके जीवन संघर्ष, अनुशासन, उत्कृष्ट खेल उपलब्धियों और राष्ट्रसेवा की यात्रा ने उपस्थित कैडेटों को विशेष रूप से प्रेरित किया।
अल्मोड़ा जनपद में 7 अगस्त 1963 को जन्मे सुरेश चन्द्र पाण्डे वर्ष 1981 में कुमाऊँ रेजीमेंट में भर्ती हुए और अपनी मेहनत, लगन तथा समर्पण के बल पर सेना और खेल जगत में विशिष्ट पहचान स्थापित की। अपने संबोधन में उन्होंने कैडेटों को अनुशासन, दृढ़ संकल्प, नियमित अभ्यास, शारीरिक फिटनेस और राष्ट्रभक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि खेल हो या जीवन, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कठिन परिश्रम, समय का सदुपयोग, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही व्यक्ति को लक्ष्य तक पहुंचाती है। उन्होंने युवाओं से चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करते हुए निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
सुरेश चन्द्र पाण्डे की खेल उपलब्धियां अत्यंत गौरवपूर्ण रही हैं। वर्ष 1985 में जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री चैम्पियनशिप तथा नई दिल्ली की राष्ट्रीय ओपन मैराथन में उन्होंने स्वर्ण पदक जीते। वर्ष 1986 में राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री और ओपन मैराथन प्रतियोगिताओं में भी स्वर्ण पदक अर्जित किए। उन्होंने आईएएएफ विश्व क्रॉस कंट्री चैम्पियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया तथा केन्या, जापान, मलेशिया और सिंगापुर सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का नाम रोशन किया। वर्ष 1996 में आयोजित 20वीं राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री चैम्पियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।
व्याख्यान के दौरान उन्होंने बताया कि खेल उपलब्धियों के साथ-साथ शिक्षा और प्रशिक्षण को भी समान महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने वर्षों तक खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कर अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट तैयार किए हैं। 60 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद वे आज भी नियमित रूप से अभ्यास करते हैं और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
कैडेटों को खेल प्रशासन में उनके योगदान की जानकारी भी दी गई। जिला क्रीड़ा अधिकारी से लेकर उत्तराखण्ड खेल विभाग में विभिन्न वरिष्ठ पदों पर कार्य करते हुए उन्होंने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें लक्ष्मण पुरस्कार तथा मुख्यमंत्री खेल पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजित संवाद सत्र में कैडेटों ने खेल, करियर, नेतृत्व, सेना जीवन और आत्मअनुशासन से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने अपने अनुभवों के आधार पर विस्तार से उत्तर दिया। यह सत्र कैडेटों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।
समापन अवसर पर एनसीसी अधिकारियों, एएनओ, पीआई स्टाफ एवं कैडेटों ने सुरेश चन्द्र पाण्डे का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके अनुभव और विचार युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत हैं।




