नैनीताल, 25 जून 2026। उत्तराखंड के ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म उद्योग तथा खादी ग्रामोद्योग मंत्री भरत चौधरी ने बुधवार को राज्य अतिथि गृह नैनीताल में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में मनरेगा, पीएमजीएसवाई, ग्राम्य विकास, उद्योग, खादी ग्रामोद्योग, पशुपालन एवं मत्स्य पालन सहित विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान मंत्री भरत चौधरी ने पशुपालन एवं मत्स्य पालन को राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए “गेम चेंजर” बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने में इन क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने दुग्ध उत्पादन, विपणन, मत्स्य पालन और पशु नस्ल सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही गोट वैली परियोजना को और अधिक विस्तार देने पर भी जोर दिया।
खादी एवं ग्रामोद्योग की समीक्षा करते हुए मंत्री ने स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कारीगरों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। उन्होंने जनपद में लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के विस्तार तथा नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
मनरेगा कार्यों की समीक्षा के दौरान मंत्री ने निर्देश दिए कि 1 जुलाई से जीरामजी कार्य प्रारंभ होने से पहले सभी लंबित भुगतान तत्काल निपटाए जाएं। उन्होंने मानसून के दौरान जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान की तर्ज पर “एक पेड़ गुरु के नाम” अभियान चलाने और इसे जनआंदोलन का रूप देने की बात कही।
मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास योजनाओं के कार्यस्थलों पर मानक के अनुरूप सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना बोर्ड वाले कार्यों को “लावारिस” माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति को आवास उपलब्ध कराया जाए तथा कोई भी लाभार्थी योजना से वंचित न रहे। साथ ही पलायन रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि की सुरक्षा हेतु प्रभावी घेरबाड़ योजना संचालित करने के निर्देश भी दिए।
महिला स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने “लखपति दीदी” योजना के तहत वर्तमान 23 हजार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाए रखने के साथ शेष 17 हजार महिलाओं को भी लखपति बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके लिए विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने और विकासखंड स्तर पर अलग-अलग क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए।
पीएमजीएसवाई की समीक्षा के दौरान मंत्री ने छूटी हुई सभी सड़कों के प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि पीएमजीएसवाई-4 के प्रथम चरण में 125 करोड़ रुपये की लागत से 93 किलोमीटर लंबाई की 17 सड़कों को स्वीकृति मिल चुकी है और इनके टेंडर भी हो चुके हैं। वहीं दूसरे चरण में 114 करोड़ रुपये की लागत वाली 92 किलोमीटर लंबाई की 12 सड़कों के प्रस्ताव भी भेजे जा चुके हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद में संचालित विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी मानसून को देखते हुए जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने घरों के विभाजन के बाद अलग परिवारों को शौचालय आवंटन की व्यवस्था किए जाने का भी अनुरोध रखा।
बैठक में विधायक सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री दिनेश आर्य, शांति मेहरा, सचिव जिला विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी, एपीडी चंद्रा फर्त्याल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।





