देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत चयनित 211 महिलाओं को शीघ्र धनराशि जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व 484 महिलाओं को योजना की प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है, जिनमें से अधिकांश महिलाओं ने अपना स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत 2000 महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए अगस्त माह तक आवेदन आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
समीक्षा बैठक के दौरान नंदा गौरा योजना की प्रगति पर भी चर्चा की गई। योजना के तहत हरिद्वार और उत्तरकाशी जनपद की 4000 से अधिक बेटियों को गुरुवार को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 19 करोड़ 22 लाख 78 हजार रुपये की धनराशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की महिलाओं और बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और बेटियों को शिक्षा एवं विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बैठक में सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा, मोहित चौधरी सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





